जी चाहता हे…..



कभी अपनी हसी पर भी गुस्सा आता हे
,

कभी सरे जहाँ को हसाने को जी चाहता हे |

कभी छुपा लेते हे गमो को दिल के किसी कोने में,

कभी किसीको सब कुछ सुनाने को जी चाहता हे |

कभी रोते नहीं दिल तुट जाने पर भी,

और कभी बस युही आंसु बहाने को जी चाहता हे | Continue reading

जिन्दगी रोज़ आजमाती है…!!


जिन्दगी रोज़ आजमाती है,
नित नए गुल खिलाती है
जिनको बामुश्किल भूला,
उनकी फिर याद दिलाती हैकभी गम के माहौल मै ख़ुशी देती है,
और कभी माहौले ख़ुशी गम देती है
कल जो दिखाते थे Continue reading